
मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद के बीच चल रहे स्वामित्व विवाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मस्जिद पक्ष को बड़ा झटका देते हुए सिविल वादों की पोषणीयता (मेंटेनेबिलिटी) को लेकर उठाई गई आपत्ति खारिज कर दी है. हालांकि, मामले से जुड़ी अन्य अर्जियों पर सुनवाई अभी जारी है. इस मामले में 10 अप्रैल को इलाहाबाद हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान शाही ईदगाह पक्ष की ओर से एक संशोधन प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया, जिसमें यह मांग की गई थी कि हिंदू पक्षकारों द्वारा दायर वादों को निरस्त किया जाए, क्योंकि उनमें आस्था के प्रश्न को मुख्य आधार बनाया गया है और आस्था के अस्तित्व के संबंध में कोई ठोस सामग्री रिकॉर्ड पर नहीं रखी गई है. इसका काउंटर करते हुए हिंदू पक्षकार एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि हिंदू पक्ष की आस्था का केंद्र भगवान श्रीकृष्ण हैं और उनकी जन्मभूमि करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है. उन्होंने यह भी कहा कि शाही ईदगाह पक्ष द्वारा दाखिल आवेदन में न तो अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के हस्ताक्षर थे और न ही वह विधिवत प्रमाणित किया गया था.
