
बंगाल चुनाव 2026 में क्या एलपीजी बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है? ईरान-इजरायल युद्ध और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज बंद होने से दुनिया के कई देशों में गैस संकट अलग-अलग तरह की मुसीबत लेकर आया है. भारत भी इससे अछुता नहीं है. भारत में भी बीते कुछ दिनों से गैस सिलेंडर की किल्लत से मध्यम वर्गीय खासकर मजदूर तबका काफी परेशान हैं. बीते दिनों सोशल मीडिया पर गुजरात से एक वीडियो काफी वायरल हुआ, जिसमें यूपी, बिहार और बंगाल के मजदूर एलपीजी किल्लत की वजह से घर लौट रहे थे. गुजरात के सूरत के उधना रेलवे स्टेशन का यह वीडियो ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया. सैकड़ों मजदूर बैग-बिस्तर समेटे प्लेटफॉर्म पर भीड़ लगाए खड़े थे. एक युवक भावुक होकर कह रहा था, ‘अब नहीं आऊंगा दोस्त… अब नहीं आऊंगा’. ईरान-इजरायल युद्ध की वजह से एलपीजी की सप्लाई प्रभावित हुई, कीमतें आसमान छू रही हैं. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि जो मजदूर दूसरे राज्यों से बंगाल लौट रहे हैं, क्या वह बंगाल चुनाव में अहम रोल निभाएंगे? बीजेपी और टीएमसी की हार-जीत में इन मजदूरों का रोल क्या अहम होगा?
