* बिपिन कटियार खबर दस्तक in Exclusive उत्तर प्रदेश में सड़कों की तस्वीर बदलने जा रही है। मुख्यमंत्री हरित सड़क अवसंरचना विकास योजना *(CM-GRIDS)* के तहत प्रदेश के 17 नगर निगमों में 290+ किलोमीटर से अधिक सड़कों का पर्यावरण-अनुकूल पुनर्विकास किया जा रहा है। इस पूरे मेगा प्रोजेक्ट की देखरेख *जना अर्बन स्पेस फाउंडेशन (JUSF)* बतौर प्रोग्राम मैनेजमेंट यूनिट (PMU) कर रहा है।
*खबर दस्तक.in* के साथ खास बातचीत में JUSF की *डायरेक्टर – प्लानिंग एंड डिजाइन, नित्या रमेश* ने प्रोजेक्ट की पूरी रूपरेखा साझा की।
*क्या बोलीं डायरेक्टर नित्या रमेश?*
नित्या रमेश ने बताया, “CM-GRIDS सिर्फ सड़क बनाने का प्रोजेक्ट नहीं है, यह सड़क को नए नजरिए से देखने का प्रोजेक्ट है। हमारा फोकस सिर्फ डामर और गिट्टी नहीं है, बल्कि हम रोड डिजाइन, मोबिलिटी, ड्रेनेज, अंडरग्राउंड यूटिलिटीज, पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ और पब्लिक स्पेस पर एक साथ काम कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि यूपी के 17 नगर निगमों में इस प्रोजेक्ट पर तेजी से काम चल रहा है।
मिलेगा जलभराव से छुटकारा*
डायरेक्टर ने बताया कि इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसमें क्वालिटी मटेरियल का इस्तेमाल है। इससे न सिर्फ कचरा प्रबंधन में मदद मिलेगी, बल्कि सड़कें ज्यादा मजबूत और टिकाऊ बनेंगी।
“हमारा लक्ष्य भीड़भाड़ (कंजेशन) और जलभराव (वाटर लॉगिंग) जैसी रोजमर्रा की समस्याओं को जड़ से खत्म करना है। पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित और चौड़े फुटपाथ, व्यवस्थित ड्रेनेज सिस्टम और सड़क के नीचे ही सारी यूटिलिटीज शिफ्ट की जा रही हैं ताकि बार-बार सड़क खोदने की जरूरत न पड़े।”
*जमीनी चुनौतियां भी हैं*
नित्या रमेश ने माना कि 17 अलग-अलग शहरों में काम करने की अपनी चुनौतियां हैं, लेकिन PMU के रूप में उनकी टीम लगातार स्थानीय निकायों के साथ मिलकर इन चुनौतियों से सीख रही है और समाधान निकाल रही है।
यह प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश के शहरी विकास को एक नई दिशा देगा और आने वाले समय में हरित और टिकाऊ बुनियादी ढांचे का मॉडल बनेगा।
